ICC के बड़े बदलाव: टेस्ट में पिंक बॉल से लेकर कोच की एंट्री तक के नए नियम
क्रिकेट के खेल में बड़े बदलाव की तैयारी
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) जल्द ही खेल के नियमों में आमूलचूल परिवर्तन करने की योजना बना रही है। ये प्रस्तावित बदलाव न केवल खेल की गति को प्रभावित करेंगे, बल्कि खिलाड़ियों और कोचों के सामंजस्य को भी एक नया आयाम देंगे। हाल ही में हुई आईसीसी मुख्य कार्यकारी समिति की बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा की गई है, जिसमें पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
टेस्ट क्रिकेट में पिंक बॉल का विकल्प
सबसे चर्चित बदलावों में से एक टेस्ट क्रिकेट में गेंद के चयन से जुड़ा है। वर्तमान में, पिंक बॉल का उपयोग केवल डे-नाइट टेस्ट मैचों तक सीमित है। हालांकि, आईसीसी अब यह विचार कर रही है कि खराब मौसम या कम रोशनी के कारण प्रभावित होने वाले सामान्य टेस्ट मैचों में भी पिंक बॉल का उपयोग किया जा सके। इस नियम के लागू होने से खेल के रुके रहने की समस्या कम होगी। विशेष बात यह है कि इसे अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा; दोनों टीमों की सहमति होने पर ही इसे अपनाया जाएगा।
कोच की भूमिका में बड़ा बदलाव
वनडे क्रिकेट को लेकर एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव है। अब तक, ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान केवल सब्स्टिट्यूट खिलाड़ियों को मैदान में आने की अनुमति है, जबकि मुख्य कोच को बाउंड्री के बाहर ही रहना पड़ता है। आईसीसी अब हेड कोच को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान सीधे मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से रणनीति पर चर्चा करने की अनुमति देने की योजना बना रही है। यह नियम पहले से ही टी20 क्रिकेट में ‘स्ट्रेटेजिक टाइम-आउट’ के रूप में मौजूद है, जिसे अब वनडे प्रारूप में भी शामिल करने पर मंथन चल रहा है।
T20 क्रिकेट की समय सीमा में कटौती
T20I मैचों की अवधि को और अधिक संक्षिप्त करने के लिए आईसीसी ने पारी के बीच के ब्रेक को 20 मिनट से घटाकर 15 मिनट करने का प्रस्ताव रखा है। इससे खिलाड़ियों को रणनीतिक चर्चा और विश्राम के लिए 5 मिनट कम मिलेंगे, जिससे मैच की समग्र गति तेज होने की उम्मीद है।
अवैध गेंदबाजी एक्शन पर सख्त निगरानी
तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ, आईसीसी गेंदबाजी एक्शन को लेकर भी सख्त रुख अपना रही है। नए प्रस्ताव के अनुसार, मैदानी अंपायरों को लाइव मैच के दौरान हॉक-आई (HawkEye) तकनीक का उपयोग करने की शक्ति दी जा सकती है। इससे संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन की पहचान तुरंत की जा सकेगी, जबकि पहले इस प्रक्रिया में मैच खत्म होने का इंतजार करना पड़ता था।
अहमदाबाद में होगा अंतिम निर्णय
इन सभी प्रस्तावों पर अंतिम मुहर 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली आईसीसी बोर्ड की बैठक में लगाई जाएगी। यदि इन बदलावों को मंजूरी मिलती है, तो 1 अक्टूबर से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के नियम पूरी तरह बदल जाएंगे। क्रिकेट प्रशंसक और विशेषज्ञ इन फैसलों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि ये खेल की आधुनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खेल का यह नया स्वरूप निश्चित रूप से प्रशंसकों को एक बेहतर अनुभव प्रदान करेगा और खेल को और भी अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाएगा।
