Patidar on RCB’s encore: ‘We didn’t just play but we dominated’
एक ऐतिहासिक जीत: रजत पाटीदार का नेतृत्व
अहमदाबाद में सोमवार की तड़के जब रजत पाटीदार प्रेस कॉन्फ्रेंस रूम में आईपीएल ट्रॉफी लेकर पहुंचे, तो उनके चेहरे पर एक ऐसी संतुष्टि थी जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल था। 33वें जन्मदिन के मौके पर मिली यह खिताबी जीत उनके करियर का सबसे बेहतरीन तोहफा साबित हुई। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार आईपीएल का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत साबित कर दी है।
जीत का मंत्र: ‘हम सिर्फ खेले नहीं, हमने दबदबा बनाया’
जब पाटीदार से 2026 के सफर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, Patidar on RCB’s encore: ‘We didn’t just play but we dominated’। पिछले साल की तुलना में इस बार का दबाव अलग था, लेकिन टीम का प्रदर्शन पूरी तरह से नियंत्रण में था। पाटीदार का मानना है कि ग्रुप स्टेज में टीम की निरंतरता ने यह विश्वास जगा दिया था कि वे दोबारा चैंपियन बन सकते हैं।
कप्तानी और बल्लेबाजी का संतुलन
पाटीदार ने अपनी बल्लेबाजी और कप्तानी को एक साथ संभालने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने खुलासा किया कि ऑफ-सीजन के दौरान दिनेश कार्तिक के साथ काम करने से उनकी तकनीक में बड़े सुधार हुए। पाटीदार ने 501 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 192.69 का रहा, जो उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अपनी कप्तानी शैली के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने फाफ डु प्लेसिस से बहुत कुछ सीखा, विशेष रूप से आत्मविश्वास और बॉडी लैंग्वेज के मामले में।
कोचिंग स्टाफ का योगदान
टीम की सफलता में गेंदबाजी कोच ओंकार साल्वी और मुख्य कोच एंडी फ्लावर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। पाटीदार ने साल्वी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे पर्दे के पीछे रहकर गेंदबाजों के साथ व्यक्तिगत रूप से काम करते हैं, जिसका परिणाम रसिक सलाम जैसे युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन में 19 विकेट के रूप में दिखा। एंडी फ्लावर के बारे में उन्होंने कहा कि वे उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ कोच रहे हैं, जो हर खिलाड़ी, चाहे वह खेल रहा हो या बेंच पर हो, को समान महत्व देते हैं।
टीम संस्कृति में बदलाव
पाटीदार ने स्पष्ट किया कि आरसीबी की टीम संस्कृति में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों के मानसिक दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल दिया है। टीम में अब हर खिलाड़ी को बराबर का सम्मान मिलता है, जो कि इस जीत के पीछे का मुख्य कारण है।
एक भावुक क्षण: यादों को नमन
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब माहौल भावुक हो गया। पाटीदार ने पिछले साल आरसीबी की पहली खिताबी जीत के बाद हुई उस दुखद घटना को याद किया, जिसमें चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 प्रशंसकों ने अपनी जान गंवा दी थी। पाटीदार ने बेहद भावुक होकर कहा, ‘मैं इस ट्रॉफी को उन फैंस के नाम समर्पित करना चाहता हूं जो हमारे परिवार के सदस्य थे। इस क्षति की भरपाई के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।’
भविष्य की राह
भले ही टीम ने लगातार दो खिताब जीते हों, लेकिन पाटीदार की नजरें अब तीसरी खिताबी जीत पर हैं। उनका मानना है कि वर्तमान में जीना ही सफलता की कुंजी है। आरसीबी जिस तरह के आत्मविश्वास के साथ खेल रही है, यह कहना गलत नहीं होगा कि वे आने वाले समय में भी आईपीएल के सबसे प्रभावशाली क्लब बने रहेंगे।
