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विराट कोहली बाल-बाल बचे घुटनों की चोट से: PBKS vs RCB IPL 2026 में बड़ा हादसा टला

Anish Kulkarni · · 1 min read
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और पंजाब किंग्स के बीच चल रहे हाई-वोल्टेज मुकाबले में, क्रिकेट के मैदान पर एक ऐसा पल आया जिसने सभी फैंस की धड़कनें रोक दीं। यह पल जुड़ा था आरसीबी के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली से, जो रन लेते समय मैदान पर फिसल गए और घुटने की गंभीर चोट से बाल-बाल बचे। इस घटना ने एक बार फिर उनके पुरानी घुटने की समस्या की याद दिला दी, जिसने टूर्नामेंट की शुरुआत में उन्हें परेशान किया था। हालांकि, किस्मत अच्छी थी और कोहली को कोई गंभीर चोट नहीं आई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।

विराट कोहली का घुटने की चोट से बचना: मैदान पर क्या हुआ?

यह घटना पंजाब किंग्स की पारी के चौथे ओवर में घटी, जब आरसीबी पहले बल्लेबाजी कर रही थी। लॉकही फर्ग्यूसन गेंदबाजी कर रहे थे और उन्होंने देवदत्त पडिक्कल को एक शानदार शॉर्ट-पिच डिलीवरी फेंकी। पडिक्कल ने गेंद को सम्मान दिया और हल्के हाथ से नीचे खेला। नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े विराट कोहली ने एक रन की संभावना देखी और आधी पिच तक दौड़ पड़े। हालांकि, उन्हें तुरंत एहसास हुआ कि कोई रन नहीं है, और जैसे ही वह अपनी क्रीज पर वापस मुड़े, उनका संतुलन बिगड़ गया और वे फिसल गए।

यह क्षण मैदान पर मौजूद सभी खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए चिंताजनक था। विराट कोहली को जमीन पर गिरते देख, उनके घुटने की पुरानी चोट का डर फिर से ताजा हो गया। सौभाग्य से, वह तुरंत उठे और बिना किसी चोट के खेलने के लिए तैयार दिखे। उनकी किस्मत अच्छी थी कि उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ, खासकर उनके घुटने को, जो इस सीजन की शुरुआत में पहले ही काफी परेशानी दे चुका था। कोहली ने अपने स्पाइक्स (जूतों के नीचे लगी कीलें) की तरफ देखा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनके जूते ने उस पल में उनका साथ नहीं दिया और वापस मुड़ते समय उनका संतुलन बिगड़ गया। यह एक ऐसी घटना थी जो किसी भी खिलाड़ी के करियर के लिए बड़ी चुनौती बन सकती थी, खासकर जब वह टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में हो।

Image Credits: JioHotstar

विराट कोहली की पुरानी घुटने की समस्या

यह घटना विराट कोहली के लिए इसलिए और भी चिंताजनक थी क्योंकि वह इस टूर्नामेंट की शुरुआत में घुटने की समस्या से जूझ रहे थे। मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में शुरुआती मैचों में से एक में, विराट कोहली ने शानदार अर्धशतक बनाया था, लेकिन मैच के बाद वह क्षेत्ररक्षण के लिए मैदान पर नहीं उतरे थे। बाद में पता चला कि उन्हें घुटने में दर्द था और प्रशिक्षण सत्रों के दौरान भी उन्हें अपने घुटने पर पट्टी बांधे हुए देखा गया था। यह उनके लिए एक मुश्किल दौर था, जिसने उनकी फिटनेस पर सवाल खड़े कर दिए थे।

घुटने की इस परेशानी के कारण ही विराट कोहली को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मैच में पहली बार एक ‘इंपैक्ट सब’ (Impact Sub) के रूप में मैदान पर उतरना पड़ा था। यह उनके करियर में पहली बार था जब उन्हें इस नियम के तहत इस्तेमाल किया गया। दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली ने अतीत में इस ‘इंपैक्ट सब’ नियम के खिलाफ अपनी राय व्यक्त की थी, उनका मानना था कि यह क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप को बदलता है। हालांकि, अपनी फिटनेस को देखते हुए, टीम प्रबंधन को यह निर्णय लेना पड़ा, और कोहली ने इसे स्वीकार किया। यह दिखाता है कि एक खिलाड़ी के रूप में वह टीम की जरूरतों को समझते हैं, भले ही उन्हें अपने सिद्धांतों के खिलाफ जाना पड़े।

चोट की चिंता के बावजूद कोहली का शानदार प्रदर्शन

इस चोट के डर के बावजूद, विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी से मैदान पर चमक बिखेरना जारी रखा। पंजाब किंग्स के खिलाफ इस मैच में, वह उस हादसे से बचने के लिए भाग्यशाली रहे और उसके बाद भी उन्होंने खूबसूरती से बल्लेबाजी की। जिस समय यह लेख लिखा जा रहा था, आरसीबी का स्कोर 9.5 ओवर में 101/2 था, और विराट कोहली 25 गेंदों में 38 रन बनाकर खेल रहे थे, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल थे।

कोहली का लक्ष्य सिर्फ टीम को जीत दिलाना नहीं है, बल्कि वह व्यक्तिगत रूप से ऑरेंज कैप की दौड़ में भी शामिल हैं। इस मैच से पहले, ऑरेंज कैप गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन के पास थी। विराट कोहली को ऑरेंज कैप वापस अपने सिर पर लाने के लिए सुदर्शन से आगे निकलने के लिए 70 रनों की आवश्यकता थी। उनकी यह शानदार फॉर्म और निरंतरता आरसीबी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर ऐसे समय में जब टीम को उनकी नेतृत्व क्षमता और अनुभव की सख्त जरूरत है। उनका मैदान पर रहना और बिना किसी चोट के शानदार प्रदर्शन करना, फैंस और टीम के लिए एक बड़ी राहत और प्रेरणा है। यह उनकी मानसिक शक्ति और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है कि ऐसे मुश्किल पलों के बाद भी वह अपनी एकाग्रता भंग नहीं होने देते।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि क्रिकेट एक अप्रत्याशित खेल है, जहां एक पल में कुछ भी हो सकता है। विराट कोहली जैसे शीर्ष खिलाड़ियों के लिए भी, हर कदम पर सावधानी बरतना और चोटों से बचना महत्वपूर्ण होता है। उनके लिए यह एक चेतावनी थी, लेकिन उन्होंने इसे पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चुना, जो उनकी खेल भावना का प्रतीक है। आरसीबी के लिए उनकी उपस्थिति मैदान पर आत्मविश्वास बढ़ाती है, और उम्मीद है कि वह बिना किसी बाधा के इस सीजन में अपनी शानदार फॉर्म जारी रखेंगे।

Anish Kulkarni
Anish Kulkarni

Sports Journalist for Hot New Cricket, obsessed with Cricket. From Test matches to T20 leagues, I bring you the latest stories, stats, and scoops from the 22 yards.