IND vs AFG: 60 विकेट लेने के बावजूद आकिब नबी क्यों नहीं हैं टीम इंडिया की पहली पसंद?
रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद भी आकिब नबी पर संशय
क्रिकेट की दुनिया में घरेलू टूर्नामेंट का प्रदर्शन हमेशा से राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का आधार रहा है। हाल ही में समाप्त हुई रणजी ट्रॉफी 2025-26 में जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहली बार खिताब अपने नाम किया, जिसमें तेज गेंदबाज आकिब नबी ने अहम भूमिका निभाई। नबी ने केवल 10 मैचों में 60 विकेट लेकर सबको चौंका दिया। उनका गेंदबाजी औसत 12.57 रहा, जो किसी भी गेंदबाज के लिए एक अविश्वसनीय आंकड़ा है। हालांकि, इतने शानदार प्रदर्शन के बाद भी, भारत बनाम अफगानिस्तान सीरीज के लिए उनके चयन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
क्या जसप्रीत बुमराह को मिलेगा आराम?
आईपीएल 2026 के बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच मल्टी-फॉर्मेट सीरीज शुरू होने वाली है। बीसीसीआई ने अभी तक टेस्ट और वनडे टीम की घोषणा नहीं की है। शुभमन गिल की कप्तानी में एक मजबूत टीम चुने जाने की उम्मीद है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता पर है। यदि बुमराह को आराम दिया जाता है, तो मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा के साथ तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में किसे चुना जाएगा, यह एक बड़ी बहस का विषय है।
आकिब नबी और गुरनूर बराड़ की दावेदारी
बुमराह के बैकअप के रूप में आकिब नबी के साथ-साथ गुरनूर बराड़ का नाम भी सामने आ रहा है। जहां बीसीसीआई लंबे समय से बराड़ को भविष्य के तेज गेंदबाज के रूप में तैयार कर रही है, वहीं नबी ने अपने हालिया प्रदर्शन से अपनी दावेदारी पेश की है। हालांकि, नबी के लिए चुनौती आईपीएल 2026 में रही है। दिल्ली कैपिटल्स द्वारा चुने जाने के बाद, उन्हें चार मैचों में खेलने का मौका मिला लेकिन वे अपना पहला विकेट लेने में नाकाम रहे।
गति बनी समस्या?
रिपोर्टों के अनुसार, बीसीसीआई चयनकर्ता आकिब नबी की गेंदबाजी गति को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। पीटीआई के पत्रकार कुशन सरकार ने इस संबंध में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि नबी के 60 विकेटों के बावजूद, उनकी गति अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप नहीं मानी जा रही है। यदि उन्हें 15 सदस्यीय टीम में जगह मिल भी जाती है, तो भी उनका टेस्ट डेब्यू करना एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है। चयनकर्ताओं का मानना है कि घरेलू क्रिकेट का फॉर्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीधे तौर पर लागू नहीं होता, खासकर जब गेंदबाज की गति में कमी हो।
वनडे सेटअप में भी बदलाव की आहट
सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ही नहीं, बल्कि वनडे टीम के चयन को लेकर भी प्रबंधन के सामने कई चुनौतियां हैं। आईपीएल 2026 में प्रभावित करने वाले प्रिंस यादव और कार्तिक त्यागी के नामों पर भी विचार किया जा रहा है, हालांकि वे श्रीलंका में होने वाली इंडिया-ए ट्राई-सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा, वनडे टीम में विराट कोहली और रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी कड़े फैसले लिए जा सकते हैं, क्योंकि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी अभी से शुरू हो गई है।
टीम प्रबंधन की अन्य चिंताएं
भारतीय टीम प्रबंधन के लिए हार्दिक पांड्या की फिटनेस और पीठ की चोट भी एक बड़ा चिंता का विषय बनी हुई है। वहीं, विकेटकीपिंग विभाग में भी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो ऋषभ पंत अपनी जगह गंवा सकते हैं और ईशान किशन को बैकअप विकेटकीपर के रूप में प्राथमिकता दी जा सकती है।
निष्कर्ष
आकिब नबी का रणजी ट्रॉफी में प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मांगें अलग होती हैं। बीसीसीआई का मौजूदा रुख यह संकेत देता है कि वे केवल आंकड़ों के बजाय समग्र योग्यता और गति पर अधिक जोर दे रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी सीरीज के लिए चयनकर्ता अंततः किस पर भरोसा जताते हैं। क्या नबी अपनी लय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित कर पाएंगे, या उन्हें अभी और इंतजार करना होगा? क्रिकेट प्रशंसकों को अब अंतिम स्क्वाड की घोषणा का बेसब्री से इंतजार है।
