गौतम गंभीर ने अफगानिस्तान श्रृंखला से पहले लिया बड़ा कदम, WTC उम्मीदों को लेकर चिंता
गंभीर मैनेजमेंट ने पिचों को लेकर लिया बड़ा कदम
गौतम गंभीर के नेतृत्व वाली टीम मैनेजमेंट ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 चक्र में भारत की उम्मीदों पर खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते बीसीसीआई और कोचिंग स्टाफ ने घरेलू पिचों में गहरे बदलाव की मांग की है।
घर पर लगातार निराशाजनक प्रदर्शन
भारत ने वनडे और टी20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखा है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के हाथों घर पर ही व्हाइटवॉश के बाद भारत की WTC अंक तालिका में स्थिति खराब होती जा रही है।
गौतम गंभीर के तहत भारत ने अब तक घर में सात टेस्ट मैचों में से पांच में हार देखी है। यह स्टैट उनकी लाल गेंद क्रिकेट में कोचिंग क्षमताओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
बांग्लादेश ने भारत को पीछे छोड़ा
बांग्लादेश ने घर पर पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला में क्लीन स्वीप कर अपना PCT (पॉइंट्स कंप्लीशन रेट) मजबूत किया है। इस जीत के बाद बांग्लादेश ने भारत को WTC अंक तालिका में पीछे छोड़ दिया है। अब केवल नौ मैच शेष रह गए हैं, और भारत के लिए सेमीफाइनल की राह और बारीक होती जा रही है।
घरेलू पिचों में बदलाव की मांग
भारतीय टीम की सबसे बड़ी समस्या घरेलू पिचों पर बल्लेबाजों का असफल होना रही है। विपक्षी टीमों के स्पिनर्स, जैसे मिशेल सैंटनर और साइमन हार्मर, भारतीय बल्लेबाजी को मैच के पहले दिन से ही झुका देते हैं। ऐसी पिचों पर जो लाल मिट्टी से बनी होती हैं, टर्न पहले दिन से ही शुरू हो जाता है।
इसी कारण, गंभीर की टीम मैनेजमेंट ने काली मिट्टी वाली पिचों की मांग की है, जो पांच दिन तक टिकने में सक्षम हों। काली मिट्टी की पिचों में पानी धारण करने की क्षमता अधिक होती है, जिससे वे धीरे-धीरे टूटती हैं।
चयनित मैदान और भविष्य की रणनीति
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, भारत के अगले छह घरेलू टेस्ट मैचों के लिए मैदानों का चयन सावधानी से किया गया है। ये शामिल हैं:
- मुलानपुर
- नागपुर
- चेन्नई
- गुवाहाटी
- रांची
- अहमदाबाद
एक BCCI सूत्र ने कहा, “इन स्थलों में लाल, काली और मिश्रित मिट्टी के विकल्प हैं, लेकिन सभी पांच दिन तक चलने वाली पिचें तैयार कर सकते हैं। हमारे बल्लेबाज पहले दिन से घूमती पिचों पर सहज नहीं दिखे। साथ ही, मैच का जल्दी खत्म होना प्रसारण के लिए भी अच्छा नहीं होता।”
अफगानिस्तान टेस्ट से शुरुआत, WTC को बचाने की राह
अगले कुछ मैचों में भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट, श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ द्वि-श्रृंखला तथा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है। इनमें से पांच मैच घर पर होने हैं।
इसलिए, काली मिट्टी वाली पिचों की मांग के पीछे लक्ष्य स्पष्ट है: घर पर जीत के जरिए WTC की उम्मीदों को जिंदा रखना। जीत की श्रृंखला शुरू करने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ मैच एक आदर्श मौका है।
गौतम गंभीर के लिए यह समय निर्णायक है। क्या वह टीम को टेस्ट क्रिकेट में वापसी कराने में सफल होंगे? सबकी निगाहें अगले मैच से शुरू होने वाली पिचों और टीम के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
