Agarkar: Shreyas replacing Suryakumar ‘best way forward’ – अजीत अगरकर का बड़ा बयान
भारतीय क्रिकेट में एक अभूतपूर्व और कड़ा निर्णय
हाल ही में समाप्त हुए टी20 विश्व कप में भारतीय टीम को खिताबी जीत दिलाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर करना एक बेहद चौंकाने वाला फैसला रहा है। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने शनिवार को मुंबई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20आई टीम की घोषणा करते हुए इस विषय पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन समिति ने इस फैसले पर बहुत विचार-विमर्श किया था। इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण सूर्यकुमार का हालिया फॉर्म और भविष्य की रणनीतियां हैं। चयन समिति का मानना है कि Agarkar: Shreyas replacing Suryakumar ‘best way forward’ का निर्णय टीम के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है, विशेष रूप से अक्टूबर 2028 में होने वाले अगले टी20 विश्व कप को देखते हुए।
भविष्य की योजनाएं और श्रेयस अय्यर की दावेदारी
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला और अभूतपूर्व मामला है जब किसी विश्व कप विजेता कप्तान को खिताबी जीत के तुरंत बाद टीम से पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया गया हो। हालांकि, अजीत अगरकर ने इस निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि यह टीम की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है।
अगरकर ने कहा, सूर्या के संबंध में, जाहिर तौर पर यह एक कठिन फैसला है। उन्होंने अभी-अभी विश्व कप जीता है, लेकिन जैसा कि अधिकांश विश्व कप के बाद होता है, हम टीम का पुनर्मूल्यांकन करते हैं और भविष्य की दिशा तय करते हैं। आंशिक रूप से उनका अपना फॉर्म एक कारण रहा है, लेकिन अगले दो वर्षों के चक्र को ध्यान में रखते हुए, हमने महसूस किया कि आगे बढ़ने का यही सबसे सही तरीका है। श्रेयस अय्यर एक बेहद योग्य उम्मीदवार हैं और उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की है।
उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा, निश्चित रूप से, सूर्यकुमार जैसे खिलाड़ी को बाहर करना आसान नहीं था। जिसने अभी-अभी विश्व कप में टीम का नेतृत्व किया हो, उसे बदलना सबसे कठिन कामों में से एक है। लेकिन विश्व कप के बाद हमने कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है। फॉर्म के साथ-साथ भविष्य में टीम को कैसे आगे ले जाना है, यह हमेशा हमारे दिमाग में रहता है। नए कप्तान के साथ आगे बढ़ने के लिए श्रेयस अय्यर हमारे दृष्टिकोण से बिल्कुल सही विकल्प हैं।
आंकड़ों में गिरावट: सूर्यकुमार यादव का हालिया फॉर्म
अगर हम सूर्यकुमार यादव के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें, तो उनके फॉर्म में गिरावट स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। आईपीएल 2026 में सूर्यकुमार ने 13 पारियों में केवल 270 रन बनाए, जो आईपीएल 2017 के बाद से उनका सबसे खराब प्रदर्शन है। आईपीएल 2017 में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हुए सात पारियों में 105 रन बनाए थे। आईपीएल 2026 में उनका बल्लेबाजी औसत महज 20.76 रहा, जो उनके करियर के सबसे निचले स्तरों में से एक है। इसके अलावा, उनका स्ट्राइक रेट 147.54 रहा, जो आईपीएल 2022 के बाद से उनका सबसे खराब स्ट्राइक रेट है।
अंतरराष्ट्रीय टी20 में रनों का सूखा
सूर्या के फॉर्म को लेकर सवाल आईपीएल से बहुत पहले ही उठने लगे थे, जब 2025 में अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में उनके बल्ले से रन निकलना बंद हो गए थे। वर्ष 2025 की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्होंने पांच पारियों में केवल 28 रन बनाए, जहां उनका बल्लेबाजी औसत शर्मनाक रूप से 5.60 रहा।
इसके बाद यूएई में आयोजित एशिया कप में भी उनका फ्लॉप शो जारी रहा। पूरे टूर्नामेंट में वह केवल एक बार 15 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहे, जो उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ लीग मैच में किया था। उन्होंने छह पारियों में सिर्फ 101.40 की स्ट्राइक रेट से कुल 72 रन बनाए। हालांकि भारत ने वह खिताब जीता और सूर्यकुमार ने जोर देकर कहा कि वह फॉर्म से बाहर नहीं हैं, बल्कि उनके पास केवल रनों की कमी है, लेकिन उनकी अगली दो सीरीज में भी प्रदर्शन निराशाजनक ही रहा।
- ऑस्ट्रेलिया दौरा: चार पारियों में उन्होंने केवल 84 रन बनाए।
- दक्षिण अफ्रीका सीरीज (घरेलू): चार पारियों में महज 8.50 की औसत और 103.03 की स्ट्राइक रेट से केवल 34 रन जुटाए।
न्यूजीलैंड सीरीज और विश्व कप में उतार-चढ़ाव भरा प्रदर्शन
वर्ष 2026 की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्होंने अपने फॉर्म में शानदार वापसी की। उन्होंने पांच पारियों में तीन अर्धशतक जड़े और सीरीज का अंत 80.66 की औसत और 196.74 की बेमिसाल स्ट्राइक रेट के साथ किया। उन्होंने टी20 विश्व कप की शुरुआत भी धमाकेदार अंदाज में की, जहां यूएसए के खिलाफ मैच जिताऊ नाबाद 84 रनों की पारी खेली। हालांकि, इसके बाद टूर्नामेंट की अगली आठ पारियों में वह एक बार भी 35 रन के आंकड़े को छू नहीं पाए, भले ही उन्होंने भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में कप्तानी की भूमिका निभाई।
चयनकर्ताओं की सोच और कप्तान से बातचीत
अजीत अगरकर ने स्पष्ट किया कि हालांकि सूर्या ने बतौर कप्तान कई मैच जीते और आखिरकार विश्व कप भी दिलाया, लेकिन दीर्घकालिक योजनाएं बनाना बेहद जरूरी था। उन्होंने कहा, आप पिछले कुछ वर्षों में उनके प्रदर्शन को देख सकते हैं। वह एक ऐसे कप्तान थे जो वास्तव में बहुत अच्छा कर रहे थे और टीम को जीत दिला रहे थे। लेकिन कभी न कभी हमें भविष्य की ओर देखना ही था। क्या आईपीएल फॉर्म ने इस फैसले को प्रभावित किया? मैं पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हूं, लेकिन श्रेयस अय्यर का बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन करना इस फैसले को थोड़ा आसान बना देता है।
अगरकर ने यह भी बताया कि आगामी टी20 विश्व कप में अभी दो साल से अधिक का समय है, जिससे टीम प्रबंधन को योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। उन्होंने सूर्या के साथ हुई बातचीत का विवरण देने से इनकार करते हुए कहा, हां, जब हम ऐसे बड़े फैसले लेते हैं, खासकर उस कप्तान के बारे में जिसने अभी-अभी विश्व कप जीता है, तो मैं व्यक्तिगत रूप से बात करता हूं। यह मेरे और सूर्या के बीच की बातचीत है और मैं इसे निजी ही रखना चाहूंगा।
