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Ashes 2025-26: क्या इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रच पाएगा? पूरी गाइड

Ezra Mehta · · 1 min read
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Ashes 2025-26: रोमांच, प्रतिद्वंद्विता और ‘बैज़बॉल’ का दम

तैयार हो जाइए, क्योंकि क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा ड्रामा एक बार फिर शुरू होने वाला है। Ashes की चर्चा हर तरफ है और इस बार का माहौल पिछले किसी भी सीजन से ज्यादा गरमाया हुआ है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की यह जंग इस शुक्रवार को पर्थ से शुरू होगी। मेजबान ऑस्ट्रेलिया की नजरें उस ‘अर्न’ (Urn) को अपने पास बनाए रखने पर हैं, जिस पर 2017-18 से उनका कब्जा है। लेकिन क्या इस बार इंग्लैंड की किस्मत बदलेगी?

क्या यह सीरीज वाकई इतनी महत्वपूर्ण है?

अगर आप क्रिकेट प्रेमी हैं, तो आप जानते होंगे कि एशेज सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि एक भावना है। यह क्रिकेट की सबसे पुरानी प्रतिद्वंद्विता है (हाँ, हम जानबूझकर अमेरिका बनाम कनाडा की बात नहीं कर रहे हैं)। लेकिन 2025-26 की इस सीरीज को लेकर उत्साह एक अलग ही स्तर पर है। हालांकि, आंकड़े इंग्लैंड के पक्ष में नहीं हैं; ऑस्ट्रेलिया के पिछले तीन दौरों पर इंग्लैंड का रिकॉर्ड बेहद निराशाजनक रहा है, जहाँ उन्होंने 15 मैचों में से 0 जीते और 13 हारे हैं।

आखिर हर तरफ इतनी चर्चा क्यों है?

इस उत्साह के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे प्रमुख है इंग्लैंड द्वारा अपनाई गई क्रिकेट की नई शैली, जिसे ‘Bazball’ कहा जाता है। इस आक्रामक अंदाज ने दुनिया को हैरान किया है और प्रशंसकों को लगता है कि इंग्लैंड इस बार ऑस्ट्रेलिया में उस तरह से मुकाबला करेगा जैसा इस सदी में शायद ही किसी इंग्लिश टीम ने किया हो।

इसके अलावा, 2023 में इंग्लैंड में हुई पिछली एशेज की यादें अभी भी ताजा हैं। वह सीरीज 2-2 से ड्रा रही थी, लेकिन उसके बाद ‘नैतिक जीत’ (Moral Victory) को लेकर जो बहस छिड़ी, उसने इस नई सीरीज के लिए आग में घी डालने का काम किया है।

क्या ‘Bazball’ ऑस्ट्रेलिया में काम करेगा?

सच तो यह है कि इंग्लैंड पिछली बार अपने घर में ऑस्ट्रेलिया को ‘बैज़बॉल’ से नहीं हरा सका, लेकिन उन्होंने 2-0 की हार के बाद शानदार वापसी की थी। मैनचेस्टर में बारिश न हुई होती, तो शायद वे सीरीज जीत जाते। तब से इंग्लैंड ने अपनी रणनीति बदली है और इस बार वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने अब तक के सबसे तेज गेंदबाजी आक्रमण के साथ उतरे हैं। उनका लक्ष्य 2010-11 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया की धरती पर जीत दर्ज करना है।

क्या ऑस्ट्रेलिया को डरने की जरूरत है?

पहली नजर में देखें तो शायद नहीं। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पिछली सात टेस्ट सीरीज में से पांच जीती हैं, जिनमें से चार लगातार जीतें हैं। घरेलू मैदान पर तो वे 2020-21 में भारत की हार के बाद से अजेय रहे हैं। उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल तक का सफर भी तय किया, भले ही अंत में वे दक्षिण अफ्रीका से हार गए।

लेकिन, यहाँ एक बड़ा ‘किंतु’ है…

ऑस्ट्रेलियाई टीम इस समय एक अजीब स्थिति में है। उनके स्क्वाड में 30 साल से कम उम्र का केवल एक खिलाड़ी है। साथ ही, उनकी प्लेइंग XI पर कई सवालिया निशान हैं। उनके पास एक अनुभवहीन ओपनर हो सकता है और दूसरे छोर पर उस्मान ख्वाजा का फॉर्म संदेह के घेरे में है। सबसे बड़ी चोट यह है कि कप्तान पैट कमिंस पीठ की चोट के कारण पहले टेस्ट से बाहर रहेंगे और उनके मुख्य गेंदबाज जोश हेजलवुड भी हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से उपलब्ध नहीं हैं।

कमजोर ऑस्ट्रेलिया बनाम आक्रामक इंग्लैंड

कागजों पर इंग्लैंड को एक कमजोर विपक्षी टीम मिल रही है, लेकिन इसे हल्के में लेना गलती होगी। पैट कमिंस की जगह स्कॉट बोलैंड जैसे गेंदबाज मौजूद हैं, जिनका ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट औसत केवल 12.63 है। साथ ही, ब्रेंडन डॉगेट जैसे नए खिलाड़ी अपनी फॉर्म और काबिलियत साबित करने के लिए बेताब हैं। स्टीवन स्मिथ जैसे अनुभवी खिलाड़ी बतौर अंतरिम कप्तान टीम को बखूबी संभाल लेंगे।

इंग्लैंड की ताकत और उम्मीदें

इंग्लैंड के लिए अच्छी खबर यह है कि उनके पास दुनिया के नंबर 1 और नंबर 2 टेस्ट बल्लेबाज जो रूट और हैरी ब्रुक मौजूद हैं। साथ ही, बेन स्टोक्स कंधे की चोट से उबरकर पूरी तरह फिट हैं। मार्क वुड ने भी अपनी हैमस्ट्रिंग की समस्या को पीछे छोड़ दिया है। बल्लेबाजी क्रम में नंबर 3 की पहेली को भी सुलझा लिया गया है, जहाँ ओली पोप ने वार्म-अप मैच में 100 और 90 रन बनाकर अपनी जगह पक्की कर ली है।

मैचों का कार्यक्रम और वेन्यू

  • पर्थ: सीरीज की शुरुआत यहाँ से होगी। ऑप्टस स्टेडियम में पहली बार एशेज टेस्ट खेला जाएगा।
  • ब्रिस्बेन (गाबा): यहाँ रोमांचक पिंक-बॉल डे-नाइट मैच होगा।
  • एडिलेड: जहाँ आखिरी बार 2013-14 में इंग्लैंड ने डे-टेस्ट खेला था।
  • MCG (मेलबर्न): अगर सीरीज यहाँ तक जीवित रही, तो बॉक्सिंग डे टेस्ट निर्णायक हो सकता है।

निष्कर्ष: क्या होगा अंजाम?

यह कहना मुश्किल है कि इंग्लैंड जीतेगा या नहीं, लेकिन यह निश्चित है कि लंबे समय बाद उनके पास जीतने का सबसे अच्छा मौका है। फैंस को बस यही उम्मीद है कि यह मुकाबला 12 दिनों के भीतर खत्म न हो जाए और हमें असली रोमांच देखने को मिले। और हाँ, क्रिकेट प्रेमियों की एक बड़ी इच्छा यह भी है कि जो रूट आखिरकार ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अपना पहला शतक जड़ें, वरना क्रिकेट इतिहास की किताबों में एक बड़ा खालीपन रह जाएगा!

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Ezra Mehta

Ezra Mehta is a cricket statistician providing live score tracking, match reports, and player performance data. He specializes in real-time match insights.