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ILT20 teams concerned over new rules mandating Afghanistan, Ireland player recruitment

Finn Sharma · · 1 min read
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ILT20 के नए नियमों पर फ्रैंचाइजी और लीग प्रबंधन के बीच बढ़ता तनाव

दुबई स्थित ILT20 लीग ने 2026 सीजन के लिए एक नया ‘प्लेयर कॉन्ट्रैक्ट मॉडल’ पेश किया है, जिसने टूर्नामेंट से जुड़ी सभी छह फ्रैंचाइजी को हैरान कर दिया है। इन नए नियमों के अनुसार, प्रत्येक टीम को अनिवार्य रूप से अफगानिस्तान के कम से कम चार और आयरलैंड के एक खिलाड़ी को अपनी टीम में रखना होगा। इतना ही नहीं, मैच की प्लेइंग इलेवन में भी अफगानिस्तान के दो और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो खिलाड़ियों के साथ-साथ एक एसोसिएट देश के खिलाड़ी को शामिल करना होगा।

फ्रैंचाइजी की नाराजगी का मुख्य कारण

लीग द्वारा मई में भेजे गए इस दस्तावेज के बाद से ही फ्रैंचाइजी मालिकों में असंतोष है। उनका तर्क है कि ये ‘अनिवार्य’ नियम उनकी टीम चुनने की आजादी को सीमित करते हैं। एक फ्रैंचाइजी अधिकारी का कहना है कि यदि प्लेइंग इलेवन में आधा हिस्सा इन्हीं विशिष्ट देशों के खिलाड़ियों से भरा होगा, तो वे अपनी पसंद के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनने की स्वतंत्रता खो देंगे। इससे टीम के प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।

खिलाड़ियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कवायद

ILT20 प्रबंधन का यह कदम रातों-रात नहीं उठाया गया है। पिछले चार सीजन में, अन्य टी20 लीग जैसे SA20 और बिग बैश लीग (BBL) के साथ शेड्यूल के टकराव के कारण खिलाड़ियों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या रही है। इसके अलावा, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के क्रिकेट बोर्ड्स ने अपने खिलाड़ियों पर अन्य लीग में खेलने की सीमा तय कर दी है।

लीग का मानना है कि यदि वे इन बोर्ड्स के साथ पहले ही समझौता कर लेते हैं, तो वे भविष्य में खिलाड़ियों की कमी से बच सकते हैं। यही कारण है कि उन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड और क्रिकेट आयरलैंड के साथ विशेष समझौते किए हैं। हालांकि, फ्रैंचाइजी का मानना है कि खिलाड़ियों की उपलब्धता न होने की स्थिति में उनके बजट पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा, क्योंकि खिलाड़ियों को साइन करने के बाद भी यदि वे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो यह नुकसानदायक होगा।

क्या यह नियम एक खतरनाक मिसाल है?

ILT20 उन चुनिंदा टी20 लीगों में से एक है जहाँ चार से अधिक विदेशी खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है। अब तक यहाँ नौ विदेशी खिलाड़ी और दो यूएई के खिलाड़ी खेल सकते थे। फ्रैंचाइजी इस बात से चिंतित हैं कि यदि आज अफगानिस्तान और आयरलैंड के लिए नियम बनाए गए हैं, तो भविष्य में अन्य देशों के साथ भी ऐसे ही समझौते किए जा सकते हैं, जो लीग की व्यावसायिक स्वायत्तता को प्रभावित कर सकते हैं।

विशेषज्ञों और फ्रैंचाइजी की राय

कई फ्रैंचाइजी अधिकारियों ने शिकायत की है कि इन नियमों को लागू करने से पहले उनसे कोई परामर्श नहीं किया गया। उनका मानना है कि ILT20 पहले से ही सही दिशा में आगे बढ़ रही थी और गल्फ क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर थी। बिना चर्चा के थोपे गए ये नियम न केवल फ्रैंचाइजी के बजट को प्रभावित करेंगे, बल्कि खेल की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा कर सकते हैं।

निष्कर्ष के तौर पर, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ILT20 प्रबंधन फ्रैंचाइजी की इन आपत्तियों पर पुनर्विचार करता है या फिर आने वाले पांचवें सीजन में इन नए नियमों के साथ ही टूर्नामेंट आगे बढ़ता है। क्रिकेट जगत की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह बदलाव लीग के व्यावसायिक भविष्य को सुरक्षित रखेगा या फ्रैंचाइजी और आयोजकों के बीच की दूरी को और बढ़ा देगा।

Finn Sharma
Finn Sharma

Based in the heart of the cricket-crazy subcontinent, Finn Sharma provides sharp commentary and in-depth analysis for hotnews-cricket.asia. Finn specializes in the strategic evolution of the white-ball game, offering readers a unique blend of statistical rigor and cultural context. His column, "The Asian Edge," has become a must-read for fans looking to understand the power dynamics of modern cricket.