They looked like a bit more grass on the wicket: Josh Inglis on Mirpir pitch
मीरपुर में बदलती परिस्थितियों का जायजा
मीरपुर का शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम अब वह पहचाना हुआ मैदान नहीं रहा जो पहले हुआ करता था। समय के साथ यहां की पिच का व्यवहार और आउटफील्ड की स्थितियों में काफी बदलाव आया है। हाल ही में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई सीरीज में विकेट के मिजाज में बड़ा अंतर देखा गया। यहां तक कि पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी पिच पर घास की अच्छी खासी परत दिखाई दी थी, जिसने खेल के समीकरण पूरी तरह से बदल दिए थे।
ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए नई चुनौती
अब मीरपुर एक नई चुनौती के लिए तैयार है, क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई टीम सफेद गेंद की सीरीज के लिए बांग्लादेश पहुंच चुकी है। इस दौरे में तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाने हैं, जिसके सभी वनडे मुकाबले मीरपुर में आयोजित होंगे। चोट और आराम के कारण कई वरिष्ठ खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में, ऑस्ट्रेलिया एक युवा और अपेक्षाकृत अनुभवहीन टीम के साथ खेल रही है। विकेटकीपर-बल्लेबाज जोश इंग्लिस इस दौरे पर टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं।
पिच पर जोश इंग्लिस का नजरिया
पहले वनडे से पहले मीडिया से बात करते हुए, जोश इंग्लिस ने मीरपुर की पिच और अपनी टीम की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। जब उनसे पूछा गया कि क्या मीरपुर की विकेट आईपीएल की पिचों जैसी है, तो उन्होंने कहा, “हम अपना होमवर्क करेंगे, हाल ही में यहां खेले गए मैचों पर नजर डालेंगे और फिर आज के बाद विकेट पर अपना अंतिम निर्णय लेंगे।”
क्या तेज गेंदबाजों को मिलेगी मदद?
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में हुई सीरीज जैसी परिस्थितियों की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमने न्यूजीलैंड की सीरीज देखी है जो यहां हुई थी। They looked like a bit more grass on the wicket: Josh Inglis on Mirpir pitch. नई गेंद से थोड़ी हरकत (सीम मूवमेंट) मिल रही थी और विकेट स्पिन की तुलना में तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा अनुकूल लग रहा था। हम इन सभी बातों को ध्यान में रखेंगे, लेकिन हम हर तरह की चुनौती के लिए तैयार हैं।”
आगामी सीरीज का कार्यक्रम
ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए यह दौरा एक बड़ा इम्तिहान साबित हो सकता है। उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में, जहां आमतौर पर स्पिन का दबदबा रहता है, वहां अगर पिच पर घास होती है, तो यह खेल को पूरी तरह से बदल सकती है। जोश इंग्लिस की कप्तानी में युवा टीम किस तरह इन बदलावों का सामना करती है, यह देखना दिलचस्प होगा। सीरीज का पहला वनडे 9 जून को मीरपुर में खेला जाना है, और क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में पिच तेज गेंदबाजों की मददगार साबित होगी या बांग्लादेश फिर से अपने चिर-परिचित स्पिन ट्रैक पर वापसी करेगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, जोश इंग्लिस का यह बयान बताता है कि ऑस्ट्रेलियाई खेमा मीरपुर की पिच को लेकर काफी सतर्क है। वे किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं और परिस्थितियों का बारीकी से आकलन करने के बाद ही अपनी रणनीति तय करेंगे। युवा खिलाड़ियों के लिए यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने का एक बेहतरीन मौका है।
