मोहम्मद आमिर IPL खेल पाएंगे या नहीं? ब्रिटिश नागरिकता के बावजूद क्यों है मुश्किल
मोहम्मद आमिर अब आईपीएल में खेलने के लिए पात्र हैं, लेकिन क्या वाकई वह कभी आईपीएल में गेंदबाजी करते हुए नजर आएंगे? उनकी ब्रिटिश नागरिकता की खबर ने फैंस के बीच उम्मीद जगाई, लेकिन तथ्य इस उम्मीद के बिल्कुल उलट हैं। आमिर के आईपीएल डेब्यू की संभावना लगभग शून्य है, और इसके पीछे कई मजबूत कारण हैं।
आमिर की ब्रिटिश नागरिकता का मतलब आईपीएल में खेलना नहीं
मोहम्मद आमिर ने हाल ही में ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त की है, जिसके बाद वह सैद्धांतिक रूप से आईपीएल में भाग लेने के लिए पात्र हो गए हैं। यह नागरिकता उन्हें पाकिस्तानी पासपोर्ट वाले खिलाड़ियों की तरह नहीं मानती, लेकिन फिर भी BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) उन्हें आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं देगा।
BCCI की नीति और भू-राजनीतिक मुद्दे
2008 के मुंबई हमलों के बाद से, BCCI ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने से रोक रखा है। इस नीति के कारण पाकिस्तान के कई सितारे आईपीएल में खेल नहीं पाए। हालांकि, पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी अजहर महमूद ब्रिटिश नागरिकता के कारण आईपीएल में खेले थे, लेकिन वह समय अब बीत चुका है।
आमिर ने 2024 T20 विश्व कप में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया और हाल ही में पीएसएल 2026 में रावलपिंडी के लिए भी खेला है। यह उनकी सीधी जुड़ाव पाकिस्तान क्रिकेट से दर्शाता है, जो BCCI के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है।
मौजूदा भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव को देखते हुए, BCCI किसी उच्च प्रोफाइल पाकिस्तानी खिलाड़ी को आईपीएल में शामिल करने का जोखिम नहीं उठाएगा। यह न केवल राजनीतिक रूप से संवेदनशील होगा, बल्कि प्रशंसकों और मीडिया की प्रतिक्रिया से भी IPL की छवि प्रभावित हो सकती है।
प्रशंसक और ब्रांड प्रतिष्ठा के लिए जोखिम
मोहम्मद आमिर को एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर भी याद किया जाता है जिन पर बॉल टैम्परिंग का आरोप लगा था। यह विवाद उनके करियर पर लंबे समय तक प्रभाव छोड़ा। इसके कारण, उनका आईपीएल में आना न सिर्फ राजनीतिक बल्कि सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं के लिए भी जोखिम भरा हो सकता है।
हाल के समय में, सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को द हंड्रेड 2026 के लिए चुना, जिसके बाद भारतीय प्रशंसकों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने नाराजगी जताई। इस घटना ने यह साफ कर दिया कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों की मौजूदगी ब्रांड मूल्य और प्रायोजनों को प्रभावित कर सकती है।
उम्र और फॉर्म के कारण भी नहीं चुना जाएंगे
मोहम्मद आमिर अब 35 साल के हो चुके हैं। आगामी आईपीएल सीजन के समय वह अपने करियर के उस पड़ाव पर होंगे जहां तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन स्थिरता से कमजोर पड़ने लगता है।
वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और हाल के लीग मैचों में उनका प्रदर्शन उत्साहजनक नहीं रहा है। चाहे वह PSL हो, BPL हो या CPL में ट्रिनबागो नाइट राइडर्स के लिए खेलना हो, आमिर ने वह प्रभाव नहीं डाला जो आईपीएल जैसी प्रतिस्पर्धी लीग में अपेक्षित होता है।
आईपीएल के फ्रैंचाइजी शीर्ष फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देते हैं। आमिर की उम्र और सीमित फॉर्म के कारण, उन्हें ड्राफ्ट या नीलामी में चुने जाने की संभावना लगभग नगण्य है।
निष्कर्ष: आमिर का आईपीएल सपना सिर्फ एक सपना ही रह जाएगा
मोहम्मद आमिर की ब्रिटिश नागरिकता उन्हें कानूनी रूप से आईपीएल में खेलने का अधिकार दे सकती है, लेकिन राजनीतिक तनाव, सार्वजनिक प्रतिक्रिया और उनकी खराब फॉर्म इस संभावना को बहुत दूर कर रहे हैं।
BCCI की नीति, आमिर का पाकिस्तान के साथ सीधा संबंध, और आईपीएल फ्रैंचाइजी का खेल के स्तर को बनाए रखने का दबाव — ये सभी कारक मिलकर उनके आईपीएल सपने को असंभव बना देते हैं।
शायद, आमिर का नाम आईपीएल के चर्चाओं में रहेगा, लेकिन उन्हें कभी आईपीएल में गेंदबाजी करते हुए देखना भारतीय प्रशंसकों के लिए सिर्फ एक कल्पना ही रह जाएगी।
