राजस्थान रॉयल्स के शुभम दुबे का धमाका: मुश्किल समय में टीम के लिए बने मसीहा
दबाव में निखरा शुभम दुबे का हुनर: RR को दिलाई शानदार जीत
क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो शांत रहकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं और जब मौका मिलता है, तो वह धमाका करते हैं। शुभम दुबे राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए बिल्कुल वैसे ही खिलाड़ी साबित हो रहे हैं। पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ हालिया मुकाबले में दुबे ने वह कर दिखाया, जिसकी उम्मीद शायद बहुत कम लोग कर रहे थे।
मैच की स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी। राजस्थान रॉयल्स को जीत के लिए आखिरी 36 गेंदों में 72 रनों की दरकार थी। ऐसे नाजुक मोड़ पर शुभम दुबे को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। उन्हें नंबर 6 पर बल्लेबाजी करनी थी, जो कि एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और मात्र 12 गेंदों में 31 रनों की नाबाद पारी खेली। उन्होंने डोनोवन फेरेरा के साथ मिलकर केवल 32 गेंदों में 77 रनों की तूफानी साझेदारी की, जिसने मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया।
कोच कुमार संगकारा ने की प्रशंसा
राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच और क्रिकेट डायरेक्टर कुमार संगकारा ने दुबे की इस पारी के बाद उनकी जमकर तारीफ की। हालांकि संगकारा व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय टीम वर्क पर जोर देना चाहते थे, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि दुबे “असाधारण रूप से कुशल” (exceptionally skilful) हैं।
संगकारा ने कहा, “मुझे पता है कि अभी सबका ध्यान वैभव सूर्यवंशी पर है, क्योंकि वह एक अविश्वसनीय खिलाड़ी हैं। लेकिन जब मैं अपनी टीम की बल्लेबाजी लाइनअप देखता हूँ, तो मुझे वैभव, ध्रुव जुरेल, यशस्वी जायसवाल, रियान पराग, डोनोवन फेरेरा, शुभम दुबे, रवींद्र जडेजा और दासुन शनाका जैसे बेहतरीन खिलाड़ी दिखते हैं।”
इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्होंने आगे कहा, “शुभम का आज इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में आना सबसे कठिन काम था, क्योंकि आपको पता नहीं होता कि आप खेलेंगे या नहीं। मानसिक रूप से वह बहुत मजबूत हैं कि उन्होंने अपना ध्यान केंद्रित रखा और खेल को हमारी दिशा में मोड़ा। डोनोवन आज शानदार थे और रियान की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पारी (16 गेंदों में 29 रन) ने हमें वह गति दी जिसकी हमें जरूरत थी।”
संघर्ष से सफलता तक: शुभम दुबे का सफर
शुभम दुबे की कहानी भारत के उन छोटे शहरों और स्थानीय टूर्नामेंटों की सफलता की कहानी है, जो अक्सर मुख्यधारा की खबरों में नहीं आते। उन्होंने सबसे पहले विदर्भ के बापुना कप में अपने प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (2023-24) में उन्होंने अपनी धाक जमाई, जहाँ उन्होंने 73.66 की औसत और 187.28 के स्ट्राइक रेट से 221 रन बनाए।
उनके इसी प्रदर्शन ने राजस्थान रॉयल्स को आकर्षित किया, जिसने IPL 2024 से पहले उन पर 5.8 करोड़ रुपये खर्च किए। हालांकि, वह पहला सीजन उनके लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने केवल चार मैच खेले और 33 रन बनाए, हालांकि उनका स्ट्राइक रेट 173.68 का था। इसके बाद RR ने उन्हें रिलीज कर दिया, लेकिन उनके टैलेंट पर भरोसा रखते हुए उन्हें दोबारा 80 लाख रुपये में खरीद लिया।
IPL 2025 में उन्होंने छह मैचों में 160.60 के स्ट्राइक रेट से 106 रन बनाए, जिससे टीम का भरोसा उन पर और बढ़ा। अब IPL 2026 में वह अपनी लय वापस पा चुके हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ 11 गेंदों में 19* रनों की पारी के बाद, पंजाब किंग्स के खिलाफ उनकी इस पारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब टीम का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं।
विशेषज्ञों की राय: क्या दुबे को नियमित मौका मिलना चाहिए?
ESPNcricinfo के ‘TimeOut’ कार्यक्रम में पूर्व क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने शुभम दुबे की स्थिति पर महत्वपूर्ण विश्लेषण किया। उन्होंने कहा, “नंबर 6 की भूमिका बहुत कठिन होती है और कई भारतीय खिलाड़ी इसमें फंस जाते हैं। जब उन्हें रन नहीं मिलते, तो टीम मैनेजमेंट के लिए भी उनका समर्थन करना मुश्किल हो जाता है। मुझे खुशी है कि राजस्थान रॉयल्स ने शुभम दुबे का साथ दिया। लखनऊ वाले मैच में भी उनका योगदान बहुत बड़ा था, जहाँ उन्होंने जडेजा के साथ मिलकर 25 गेंदों में 49* रनों की साझेदारी की थी। मेरा मानना है कि शुभम को अब नियमित रूप से प्लेइंग इलेवन में जगह मिलनी चाहिए या इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में उनका इस्तेमाल अधिक होना चाहिए।”
वहीं, पियूष चावला ने दुबे की खेल को नियंत्रित करने की क्षमता की सराहना की। चावला ने कहा, “हमने शुभम दुबे के कैमियो पहले भी देखे हैं। उन्होंने पहले सीजन में ही अपना टैलेंट दिखाया था। वह बड़े शॉट्स खेलने की क्षमता रखते हैं और उन्हें पता है कि मैच को कैसे आगे बढ़ाना है। डोनोवन फेरेरा के साथ उनकी साझेदारी शानदार थी और उन्होंने सुनिश्चित किया कि राजस्थान रॉयल्स जीत हासिल करे।”
निष्कर्ष
शुभम दुबे का यह उत्थान न केवल उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह राजस्थान रॉयल्स के उस विजन को भी दर्शाता है जहाँ वे खिलाड़ियों को मौका देने और उन पर भरोसा करने में विश्वास रखते हैं। यदि दुबे इसी फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो वह आने वाले समय में IPL के सबसे खतरनाक फिनिशर्स में से एक बन सकते हैं।
